प्रस्तुतकर्ता
harminder singh
लेबल:
बूढ़ी काकी

बूढ़ी काकी
1) अब यादों का सहारा है .
2) अनुभव अहम होते हैं...
3) बुढ़ापा भी सुन्दर होता है..
4) उन्मुक्त होने की चाह
5) बंधन मुक्ति मांगते हैं......
6) गलतियां सबक याद दिलाती हैं.........
7) सीखने की भी चाह होती है....
8) रसहीनता का आभास....
9) जीवन का निष्कर्ष नहीं.............
10) मकड़ी के जाले सी जिंदगी
11) उसने कहा था
12) सच का सामना
13) जिंदगी हर बार हार जाती है
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
एक टिप्पणी भेजें